आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चौड़ीकरण परियोजना को मिली गति, एमडीडीए ने शुरू की रजिस्ट्री प्रक्रिया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच को साकार करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक और ठोस कदम उठाया है। आढ़त बाजार से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना को अब गति मिल गई है। परियोजना से संबंधित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
रजिस्ट्री कार्य के निष्पादन हेतु एमडीडीए द्वारा मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा एवं संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को अधिकृत किया गया है। प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री एवं प्रतिकर वितरण की कार्यवाही एक साथ प्रारंभ हो चुकी है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह परियोजना देहरादून के केंद्रीय क्षेत्र में यातायात सुगमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रभावित संपत्तियों के स्वामियों को उचित प्रतिकर एवं वैकल्पिक भूखंड प्रदान करने की दिशा में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नागरिकों के सहयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा एमडीडीए सभी प्रभावितों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी दी कि सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खंड), देहरादून के पक्ष में प्रारंभ की जा चुकी है। सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक के क्षेत्र में बायीं ओर स्थित संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा को अधिकृत किया गया है, जबकि दायीं ओर की संपत्तियों हेतु संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को नामित किया गया है। रजिस्ट्री विलेखों को उपनिबंधन कार्यालय, देहरादून में प्रस्तुत करने के लिए लिपिक धन सिंह चौहान एवं दिव्यान्श श्रीवास्तव को प्रस्तुतकर्ता के रूप में अधिकृत किया गया है।
यह परियोजना देहरादून शहर के यातायात प्रबंधन, सौंदर्यीकरण और आर्थिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं शहर के सतत विकास के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाए। आगामी समय में इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में आवागमन और भी सुगम होगा तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
