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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर डीएम सख्त—सशक्त बेटी, समृद्ध भविष्य का लिया संकल्प

 

नंदा-सुनंदा योजना की एसओपी में हुआ सरलीकरण, अब ज़्यादा बेटियों को मिलेगा लाभ
निर्धन, अनाथ व असहाय बालिकाओं को जिला रायफल क्लब से मिलेगी आर्थिक सहायता
बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा व सशक्तिकरण हेतु प्रभावशाली योजनाओं के प्रचार-प्रसार के निर्देश

देहरादून,  (सू.वि.)
जिलाधिकारी  सविन बंसल ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत गठित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बेटियों के समग्र विकास के लिए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु टास्क फोर्स के प्रस्तावों को मंजूरी दी तथा निर्देशित किया कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ठोस, प्रभावशाली एवं व्यवहारिक योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

नंदा-सुनंदा योजना को सरल और अधिक सुलभ बनाया गया
डीएम ने बताया कि नंदा-सुनंदा योजना की संशोधित एसओपी को मंजूरी दी गई है, जिससे अब यह योजना और अधिक सरल एवं सुगम हो गई है। इसका उद्देश्य गरीब, अनाथ, असहाय एवं विषम परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही बालिकाओं को अधिक संख्या में लाभान्वित करना है। आय निर्धारण अब श्रम विभाग के अद्यतन शासनादेशों के अनुरूप किया जाएगा।

शिक्षा से ड्रॉपआउट बालिकाओं को जोड़ा जाएगा पुनः स्कूलों से
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घर-घर सर्वे कर ड्रॉपआउट बालिकाओं की पहचान की जाए और उन्हें पुनः स्कूलों में नामांकित कराया जाए। जो बालिकाएं आर्थिक कारणों से पढ़ाई नहीं कर पा रहीं हैं, उन्हें नंदा-सुनंदा योजना के तहत सहायता दी जाए।बालिकाओं के उत्थान हेतु जिला रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा जिनमें बालिकाओं का शैक्षिक प्रदर्शन बेहतर रहा है।

11वीं और 12वीं की छात्राओं को एफआरआई, साइंस सिटी, जू और अन्य उच्च संस्थानों का शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा। गांधी पार्क व परेड ग्राउंड में शैक्षिक शिविरों के माध्यम से करियर काउंसलिंग की जाएगी।

किशोरी बालिकाओं के पोषण, निगरानी और स्वास्थ्य सुधार हेतु ‘अवनी’ अभियान को जारी रखने के निर्देश दिए गए।

जागरूकता और सफलता की कहानियों को साझा करें
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से जुड़ी सफल बालिकाओं की प्रेरणादायक कहानियों को आकाशवाणी व अन्य माध्यमों से साझा करने की बात कही गई ताकि अन्य बालिकाएं भी प्रेरित हो सकें।

जिला कार्यक्रम अधिकारी  जितेन्द्र कुमार ने अवगत कराया कि देहरादून जिले में सेक्स रेश्यो 968 है, जो राष्ट्रीय औसत 937 से बेहतर है।

  • अब तक नंदा-सुनंदा के तहत 38 बालिकाओं की शिक्षा हेतु ₹13.06 लाख की फीस जमा की गई।
  • स्तन कैंसर जांच के लिए 613 महिलाओं की जांच की गई।
  • 520 बालिकाओं को स्वच्छता किट, 800 नवजात बालिकाओं को हिमालय बेबी किट वितरित की गई।
  • कुपोषित बच्चों को 302 पोषण किट, 245 बालिकाओं को एनीमिया जांच शिविरों का लाभ मिला

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी  अभिनव शाह, सीएमओ डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी  विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी  मीना बिष्ट, सीओ  रीना राठौर, एडीपीआरओ  संजय बडोनी तथा सीडीपीओ सहित बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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