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उत्तराखंड

Graphic Era Hill University ने गोलू देवता मंदिर में आयोजित किया विशाल भंडारा

देहरादून/नैनीताल, नव वर्ष 2025 के अवसर पर Graphic Era Hill University ने घोड़ाखाल स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 1008 गोलू देवता मंदिर में 11वें विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस भंडारे में करीब 5000 श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हर साल नव वर्ष के पहले दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। इस बार, ग्राफिक एरा ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए यह भंडारा आयोजित किया, जिसमें संस्थान के स्टाफ और स्वयंसेवकों ने बड़ी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभाई।
भंडारे में श्रद्धालुओं को पूरी, सब्जी, हलवा और अन्य पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। भोजन की उच्च गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजन की पूरी व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को सुचारू रूप से संभालने के लिए अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, ताकि किसी को भी असुविधा न हो।इस बार इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशों से आए कुछ श्रद्धालु भी शामिल हुए। उन्होंने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण बताया।
इस मौके पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के भीमताल परिसर के निदेशक प्रो. (कर्नल) अनिल कुमार नायर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह आयोजन संस्थान के द्वारा समाज सेवा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “ग्राफिक एरा हमेशा से शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा को प्राथमिकता देता आया है। इस तरह के आयोजन हमारे संस्थान की जिम्मेदारी और सेवा भावना को प्रकट करते हैं। भविष्य में भी हम इस प्रकार के सेवा कार्यों में सक्रिय रहेंगे।”ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला ने अपने संदेश में कहा, “हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी निभाना है। गोलू देवता के इस पवित्र स्थल पर नव वर्ष के दिन भंडारा आयोजित करना हमारे लिए गौरव का विषय है। यह 11वां भंडारा हमारी सेवा भावना की परंपरा को दर्शाता है। हम इसे भविष्य में भी जारी रखेंगे और समाज सेवा में सदैव अग्रसर रहेंगे। नव वर्ष सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, यही हमारी कामना है।”
श्रद्धालुओं ने ग्राफिक एरा की इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक और सामाजिक सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था करना और उसे व्यवस्थित ढंग से संपन्न करना संस्थान की सेवा भावना का प्रतीक है।

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