देहरादून, ग्राफिक एरा अस्पताल में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बच्चों को मास्क के माध्यम से ऑक्सीजन देने की नई तकनीक पर जानकारी साझा की।
कार्यशाला को देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने संबोधित करते हुए बताया कि नॉन इनवेसिव रेस्पिरेटरी सपोर्ट तकनीक बच्चों में सांस से जुड़ी समस्याओं को कम करता है, उन्हें संक्रमण से बचाता है और सांस की नली में डाली जाने वाली ट्यूब की जरूरत को खत्म करता है। विशेषज्ञों ने बच्चों को मैकेनिकल वेंटीलेटर के बजाए मास्क के माध्यम से ऑक्सीजन देने की तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यशाला को संबोधित करने वाले विशेषज्ञों में पोलैंड के प्रो. बोरिस क्रेमर, डॉ. सैकत पात्रा, डॉ. पूनम सिंह और डॉ. राकेश कुमार भी शामिल हुए।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा अस्पताल ने उत्तराखंड नियोनेटोलॉजी सोसायटी और निओनेटोलॉजिस्ट एजूकेशन बॉय टेली ट्रेंनिंग सर्विसेज के सहयोग से किया। कार्यशाला में ग्राफिक एरा अस्पताल के डीन डॉ. नितिन कुमार बंसल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित वर्मा, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. पुनीत त्यागी, नियोनेटोलॉजी सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. विपिन वैश, ग्राफिक एरा अस्पताल के प्रो. गिरीश गुप्ता, डॉ. शांतनु शुभम, डॉ. सैयद मोइज़ अहमद, डॉ. ऋचा जोशी, डॉ. आयुषी जोशी, डॉ. संचिता धवन, डा थंगा साबरेश और विभिन्न संस्थाओं के 100 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए।
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