देहरादून, आईआईएससी, बंगलुरु के तकनीकी मुकाबलों में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं छा गए। दिमागी तरंगे पढ़कर रिएक्ट करने वाला चैट बॉट बनाकर ग्राफिक एरा की टीम ने ओपनहैक- 25 के नाम से आयोजित मुकाबले में देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया।
राष्ट्रीय स्तर के इस हैकथान में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था। इनमें से सबसे बेहतरीन आइडियाज, तकनीकी कौशल व प्रस्तुति के आधार पर चुनिंदा छात्र-छात्राओं को मुकाबले के अगले दौर के लिए चुना गया। इसमें ग्राफिक एरा के छात्र-छात्राओं की टीम भी शामिल थी। ओपनहैक के फाइनल में ग्राफिक एरा की टीम ने न्यूरोस्री नामक चैट बॉट बनाया। यह एआई आधारित चैट बॉट इलैक्ट्रोएन्सेफैलोग्राफी (ईईजी) तकनीक का उपयोग करके व्यक्ति की दिमागी तरंगों का विश्लेषण करता है और जेनरेटिव एआई की मदद से उस व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से वास्तविक समय में सहायता देता है। यह तकनीक तनाव, चिंता व अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहेे व्यक्तियों की सहायता करने मददगार साबित होगी।
ग्राफिक एरा की टीम के छात्र-छात्राओं को पचास हजार रूपये की इनामी राशि से पुरस्कृत किया गया। इस टीम में काजल झा, सुयश सिंह भदौरिया, प्रियांशु वर्मा व सौम्या मिश्रा शामिल हैं। ये चारों ग्राफिक एरा में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग से बीटेक कर रहे हैं।
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