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जहां अपने इष्ट या गुरु का अपमान हो, उस स्थान पर कभी नहीं जाना चाहिए : आचार्य पवन नंदन जी महाराज

देहरादून।श्रीमद् भागवत सेवा जनकल्याण समिति क्लेमेंटाउन सुभाष नगर देहरादून में आचार्य पवन नंदन जी महाराज के मुखारविंद द्वारा कथा के तीसरे दिन आज कथा सुनाते हुए कथावाचक आचार्य पवन नंदन जी महाराज ने बताया कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान हो, यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर कभी जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों हो।

आज तीसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा के दौरान सती चरित्र के प्रसंग को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाह होना पड़ा।

जीवन का लक्ष्य परमात्मा प्राप्ति हैं, भगवान से अपनापन से भगवान की प्राप्ति की जा सकती हैं। कथा में उत्तानपाद के वंश में ध्रुव चरित्र की कथा को सुनाते हुए समझाया गया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उसकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया, जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया।

परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। भक्त ध्रुव द्वारा तपस्या कर श्रीहरि को प्रसन्न करने की कथा को सुनाते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है। भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए क्योंकि बचपन कच्चे मिट्टी की तरह होता है, उसे जैसा चाहे वैसा पात्र बनाया जा सकता है।

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि पाप के बाद कोई व्यक्ति नरकगामी हो, इसके लिए श्रीमद् भागवत में श्रेष्ठ उपाय प्रायश्चित बताया है। अजामिल उपाख्यान के माध्यम से इस बात को विस्तार से समझाया गया साथ ही प्रह्लाद चरित्र के बारे में विस्तार से सुनाया और बताया कि भगवान नृसिंह रुप में लोहे के खंभे को फाड़कर प्रगट होना बताता है कि प्रह्लाद को विश्वास था कि मेरे भगवान इस लोहे के खंभे में भी है और उस विश्वास को पूर्ण करने के लिए भगवान उसी में से प्रकट हुए एवं हिरण्यकश्यप का वध कर प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा की। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दौरान सकीर्तन में भक्त भक्ति में सराबोर हो गए।
इस अवसर पर भक्ति रस लेने पहुंचे निवर्तमान मेयर देहरादून श्री सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री वर्तमान धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, उनके द्वारा जनता और क्षेत्रवासियों को कहा गया कि संस्था इस तरीके के कार्य पिछले कई वर्षों से लगातार क्षेत्र में धर्म के प्रचार प्रसार के लिए करती आ रही है, सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सहयोग की व्यवस्था यदि समिति को पड़ती है, तो हम भविष्य में सदा समिति के साथ रहेंगे और सरकार उनका पूर्ण सहयोग करेगी तथा समिति को इस कार्य के लिए दोनों ने धन्यवाद भी प्रेषित किया।
आज के कार्यक्रम में आज के यजमान रहे कर्नल दिलीप मेहता, सुमित मेहता। इनके अतिरिक्त कार्यक्रम में भक्ति रस का पान करने दीपक गोयल, अध्यक्ष प्रेम सिंह भंडारी सचिव नवीन जोशी, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, पार्षद राजेश परमार, पार्षद हरि भट्ट,अभिषेक परमार, आनंद सिंह रावत, गणेश, विनोद राई, प्रदीप राई, कैलाश चंद भट्ट, सुमित मेहता, बश केवलानंद लोहानी, प्रमिला नेगी, मालती राई, कैलाश भट्ट, गीता, विमला, , धन सिंह फर्त्याल, दीपक सिंह गोसाई आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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