Prabhat Chingari
उत्तराखंड

प्रादेशिक सेना ने अपने प्लेटिनम जुबली समारोह के हिस्से के रूप में टेरियर साइबर क्वेस्ट 2024, एक राष्ट्रीय साइबर चुनौती लॉन्च की

देहरादून/नई दिल्ली, नागरिकों की सेना के रूप में जानी जाने वाली प्रादेशिक सेना, अपने गौरवशाली 75 वर्षों का जश्न मना रही है। इसी अवसर पर प्रादेशिक सेना ने प्रसिद्ध गैर-लाभकारी संगठन साइबरपीस के साथ मिलकर टेरियर साइबर क्वेस्ट 2024 नामक एक राष्ट्रीय साइबर चुनौती लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों और साइबर सुरक्षा में नवाचार को प्रोत्साहित करना है और भारत के साइबर पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्य को आकार देने के लिए प्रतिभाशाली लोगों को जोड़ना है।
टेरियर साइबर क्वेस्ट 2024 में तीन रोमांचक ट्रैक होंगे, जो प्रौद्योगिकी और नवाचार की सीमाओं को चुनौती देंगे। पहला ट्रैक एरोक्वेस्ट है, जिसमें प्रतिभागी ड्रोन तकनीक में अपनी विशेषज्ञता दिखाते हुए हवाई निगरानी और सामरिक पैंतरेबाज़ी में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। दूसरा ट्रैक कैप्चर द फ्लैग (सीटीएफ) है, जिसमें प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर सुरक्षा चुनौतियों की एक श्रृंखला में समय के खिलाफ दौड़ लगानी होगी, जिसमें उनकी जटिल साइबर मुद्दों को हल करने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। अंतिम ट्रैक डेटाथॉन है, जिसका उद्देश्य डीपफेक का पता लगाने और उन्हें कम करने के समाधान विकसित करना है, जिसका साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। इन तीनों ट्रैकों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी तकनीकी कुशलता और समस्या-समाधान क्षमताओं को दिखाने का एक व्यापक मंच मिलेगा।
www.cyberchallenge.in पर पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है और प्रतिभागियों को 20 सितंबर 2024 की अंतिम तिथि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 25 सितंबर 2024 को फाइनलिस्टों की घोषणा ऑनलाइन की जाएगी, इसके बाद 02 – 04 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन (यूएसआई) में अंतिम दौर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 05 अक्टूबर 2024 को यूएसआई, नई दिल्ली में पुरस्कार समारोह होगा, और 07 अक्टूबर 2024 को मानेकशॉ सेंटर में सेना प्रमुख के साथ विजेताओं का विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों और योगदानों के लिए प्रादेशिक सेना से पदक और प्रमाण पत्र प्राप्त होंगे। आकर्षक पुरस्कारों के अलावा, फाइनलिस्टों के लिए प्रतियोगिता के दौरान आवास और भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी। प्रतिभागियों को प्रादेशिक सेना इनोवेशन सेल (टीएआईसी) में योगदान करने का एक अनूठा अवसर भी मिलेगा, जो रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, प्रत्येक कार्यक्रम के विजेताओं को भारतीय सेना के सेना प्रमुख द्वारा एक विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा, जिससे यह आयोजन सभी के लिए एक यादगार और करियर को बढ़ावा देने वाला अनुभव बनेगा।

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