देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ बेरोजगार युवाओं का आंदोलन तीसरे दिन भी परेड ग्राउंड में जारी रहा। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों युवा धरने पर डटे हैं और लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी चार मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के 35 घंटे बाद भी कोई ठोस कदम न उठने से युवाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में स्नातक स्तरीय परीक्षा की सीबीआई जांच, परीक्षा को तुरंत रद्द कर एक महीने में दोबारा कराना, आयोग अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का इस्तीफा और आरक्षी भर्ती नियमावली में संशोधन शामिल है।
संघ के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा। धरने को सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। वहीं, बॉबी पंवार लगातार युवाओं के साथ खड़े हैं।
एसआईटी जांच पर नहीं भरोसा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर भर्ती घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है, जिसकी निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज करेंगे। लेकिन संघ अध्यक्ष राम कंडवाल ने इसे मात्र लीपापोती करार दिया। उनका कहना है कि एसआईटी पर भरोसा नहीं किया जा सकता, परीक्षा तभी दोबारा कराई जाए जब सीबीआई जांच पूरी हो।
धरने में संघ के महासचिव संजेंद्र कठैत, जसपाल चौहान, विशाल चौहान, बिट्टू वर्मा और सुनील सहित सैकड़ों युवा डटे हुए हैं।
