देहरादून, आईआईटी रूड़की के डा. सचिन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि घातु के नैनो पार्टिकल्स का आकार व माप बदलकर अलग-अलग रंग उत्पन्न किए जा सकते हैं।
डा. सचिन कुमार श्रीवास्तव आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में ट्रांसफोरमिंग आप्टिक्स पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला दो दिन चलेगी। कार्यशाला में उन्होंने कहा कि प्लासमोनिक्स का उपयोग फोटोथर्मल कैंसर थेरेपी, नैनो एन्टीना, सेंसर, सोलर सेल, आप्टिकल ट्वीजर जैसी नई तकनीकों में किया जाता है। कार्यशाला में एसआर यूनिवर्सिटी तेलंगाना के मुकेश कुमार शर्मा ने छात्र-छात्राओं को आॅप्टिकल ग्रेटिंग का प्रक्षिशण दिया। वे कार्यशाला में आॅनलाइन माध्यम से जुड़े।
कार्यशाला का आयोजन डिपार्टमेण्ट आफ इलैक्ट्रानिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग ने किया। कार्यशाला में प्रो. वाइस चांसलर व डीन एकेडमिक्स डा. संतोष एस. सर्राफ, एचओडी डा. मोहम्मद इरफानुल हसन के साथ डा. लोकेन्द्र सिंह, डा. राजीव कुमार, डा. मृदुल गुप्ता, डा. कौशल कुमार, डा. विनय कुमार और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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