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भौतिक ज्ञान के साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी आवश्यक है: लवदास महाराज

टिहरी ,शरणागति यमुना आश्रम, नैनबाग में चल रहेआध्यात्मिक योग, ध्यान और संस्कार शिविर में युवाओं को योग, ध्यान, जप, मंत्रोच्चारण, व्यक्तित्व विकास आदि विषयों की गहन जानकारी दी जा रही है। राष्ट्रीय संत लवदास महाराज ने कहा कि “आज देश के युवाओं को अनेक सामाजिक बुराइयाँ दीमक की तरह खोखला कर रही हैं। ऐसे में इस प्रकार के शिविर समय-समय पर आवश्यक हैं। योग और ध्यान से युवाओं में आत्मविश्वास, मानसिक शांति और स्थिरता का विकास होता है।”

संत लवदास महाराज ने यह भी कहा कि “संस्कार शिविरों के माध्यम से युवाओं को नैतिक मूल्यों और जीवन के सच्चे अर्थों का ज्ञान होता है, जिससे उनका व्यक्तित्व निखरता है और वे तनावमुक्त जीवन जीने में सक्षम हो पाते हैं।”

व्यापार मंडल नैनबाग के अध्यक्ष दिनेश तोमर ने कहा, “आज की शिक्षा प्रणाली युवाओं को केवल भौतिक ज्ञान दे रही है, जबकि जीवन जीने की कला और आध्यात्मिक मूल्यों की कमी है। इस प्रकार के शिविर युवाओं को योग, ध्यान के साथ-साथ जीवन मूल्यों की भी शिक्षा देते हैं।”

उन्होंने यह भी चिंता जताई कि आज के युवा नशे जैसी बुरी आदतों की गिरफ्त में आकर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं, लेकिन इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से वे जीवन की वास्तविकता से परिचित होते हैं और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते हैं।

इस अवसर पर प्रमिला चौहान, मनोज कैंतुरा, जितेन्द्र तोमर, शिवांश, विनीता कैंतुरा देवी, गजीरा देवी, पूर्णदेई देवी, फुला देवी सहित अनेक साधक और साधिकाएं उपस्थित रहे।

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