देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में जहां अग्निवीर सेवा पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला लिया गया, वहीं धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम को और अधिक कड़ा बनाते हुए सजा और जुर्माने की सीमा में भी भारी वृद्धि की गई।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले इस प्रकार रहे—
- अग्निवीर आरक्षण – अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा।
- धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम संशोधन – धर्मांतरण विरोधी कानून को सख्त करते हुए सजा 10 साल से बढ़ाकर 14 साल और विशेष परिस्थितियों में 20 साल तक की जा सकेगी। जुर्माना राशि ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹10 लाख।
- लखवाड़ जल विद्युत परियोजना मुआवजा – प्रभावितों को नैनबाग सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा मिलेगा।
- श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति – उपाध्यक्ष का 1 अतिरिक्त पद सृजित।
- वनीकरण निधि प्रबंधन प्राधिकरण – वार्षिक रिपोर्ट को कैबिनेट संस्तुति।
- UPDCC पुनर्गठन – कुल 95 नए पद सृजित, जो सिंचाई विभाग से डेपुटेशन पर होंगे।
- सहकारी सेवा मंडल गठन – सहकारी बैंकिंग सेक्टर की भर्ती अब आईबीपीएस के माध्यम से होगी।
- उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड – वर्ष 2021-22 की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी।
- विद्युत नियामक आयोग – FY 2023-24 का वार्षिक लेखा विवरण सदन में रखने की स्वीकृति।
- पावर कारपोरेशन लिमिटेड – वित्तीय वर्ष 2023-24 का वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा पटल पर रखने की मंजूरी।
- पशुपालन विभाग – सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राध्यापन।
- वित्त सेवा – संशोधन नियमावली 2025 मंजूर।
- सूचना प्रौद्योगिकी – आईटी, सुशासन एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग एवं नवाचार नीति 2025 को स्वीकृति।
- औद्योगिक संस्थान – शेड/भूखंड आवंटन व किराया प्रक्रिया में संशोधन मंजूर।
- उच्चतर न्यायिक सेवा – संशोधन नियमावली 2025 को मंजूरी।
- रेरा – वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
- ग्राम्य विकास विभाग – प्रादेशिक विकास सेवा नियमावली 2011 में संशोधन।
- पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक 2025 – विधानसभा में पुनः प्रस्तुत करने की मंजूरी।
मंत्रिमंडल के इन निर्णयों से राज्य में रोजगार, धार्मिक स्वतंत्रता, विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है।
