पारंपरिक उत्पादों से लेकर आधुनिक कृषि तक, महिला सशक्तिकरण से युवाओं के प्रशिक्षण तक —
देहरादून,
उत्तराखंड की सहकारी व्यवस्था को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सहकारी संघ और गुरु राम राय विश्वविद्यालय के बीच रणनीतिक समझौता हुआ है। अब रेशम फेडरेशन के शॉल, मफलर व दीक्षांत गाउन जैसे उत्पाद गुरु राम राय समूह के शैक्षणिक व चिकित्सकीय संस्थानों में उपयोग होंगे। साथ ही, परिसरों में बिक्री केंद्र खुलेंगे, जिससे स्थानीय महिला समूहों और कारीगरों को रोज़गार मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय की अनुपयोगी भूमि पर आधुनिक कृषि प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे, जिनमें ऑर्गेनिक फार्मिंग, पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, बी-कीपिंग जैसी परियोजनाएं शुरू होंगी।
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे “नवाचार आधारित सहकारिता मॉडल” करार दिया, जो राज्य के युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह खोलेगा।
रेशम फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि प्रस्तावित योजनाओं को लेकर गुरु राम राय के महंत श्री देवेंद्र दास जी से भेंट कर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसे महंत जी ने जनहितकारी बताते हुए सहमति दी।
