देहरादून। ग्राम्य विकास विभाग की पहल के तहत ग्रामीण उत्पादों के भंडारण और विपणन को नई दिशा देते हुए धीराज सिंह गर्ब्याल, सचिव, ग्राम्य विकास, उत्तराखंड शासन द्वारा ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के वेयरहाउस का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर सचिव ने कहा कि यह वेयरहाउस ग्रामीण उत्पादकों के उत्पादों के सुरक्षित भंडारण एवं प्रभावी विपणन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार की अवसंरचनाएं ग्रामीण उत्पादों की ब्रांडिंग एवं मूल्य संवर्धन में अहम भूमिका निभाएंगी।
उद्घाटन कार्यक्रम के उपरांत सचिव की अध्यक्षता में आईएफएडी के सहयोग से संचालित ग्रामीण उद्यम त्वरित प्रोत्साहन परियोजना (REAP) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया—
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने हेतु टूरिस्ट गाइड, पर्वतारोहण एवं साहसिक गतिविधियों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
पर्वतीय क्षेत्रों में मिलेट्स, विशेषकर कोणी, चीणा, मडुवा एवं झंगोरा जैसी पारंपरिक फसलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कृषि विभाग के सहयोग से सीड बैंक स्थापित किए जाएं।
मिलेट्स के क्लस्टरों की पहचान कर जैविक प्रमाणन प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके।
पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इको-टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर सृजित हों।
सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस एवं परिणामपरक प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय और सतत निगरानी के माध्यम से ही परियोजनाओं के अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
