देहरादून, शहर अब आपातकालीन परिस्थितियों में और अधिक सतर्क व सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार सायं 6ः00 बजे डालनवाला थाना परिसर से जिला प्रशासन द्वारा स्थापित 13 आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरनों का शुभारंभ करेंगे। ये सायरन एक साथ विभिन्न थानों और चौकियों में बजेगें, जिनकी आवाज 8 से 16 किलोमीटर तक सुनाई देगी। इनका उद्देश्य किसी भी आपदा या आपात स्थिति में जनता को तुरंत सतर्क कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि प्रथम चरण में शहरभर में कुल 13 सायरन लगाए गए हैं। इनमें 16 किमी रेंज के 04 सायरन थाना ऋषिकेश, प्रेमनगर, क्लेमेंटाउन और रायपुर में लगाए गए हैं। वहीं 8 किमी रेंज के 09 सायरन डालनवाला, पल्टन बाजार, राजपुर, पटेलनगर, नेहरू कॉलोनी, कैंट, वसंत विहार, बिन्दाल चौकी और पुलिस लाइन रेसकोर्स में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में विकासनगर, डोईवाला, ऋषिकेश, चकराता व अन्य शहरी क्षेत्रों में भी सायरन लगाए जाएंगे।
सीएम धामी का अगला कार्यक्रम सायं 6ः30 बजे देहरादून की धड़कन – घंटाघर में होगा, जहां वे स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत हुए सौन्दर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। घंटाघर को नई साज-सज्जा के साथ पारंपरिक शैली में संवारते हुए यहां आकर्षक बगीचे, रंगीन फव्वारे और हाई बीम लाइटिंग स्थापित की गई है।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देहरादून क्लेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में संचालित चार हिलांस कैंटीन का उद्घाटन करेंगे। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित ये कैंटीन न सिर्फ पहाड़ी उत्पाद और मिलेट व्यंजन उपलब्ध करा रही हैं बल्कि स्वरोजगार का भी सशक्त माध्यम बन रही हैं।
साथ ही, बाल भिक्षावृत्ति निवारण अभियान के तहत अब तक 56 बच्चों को भिक्षा से मुक्त कर शिक्षा से जोड़ा गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री इस कार्य को भी जनता को समर्पित करेंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने डालनवाला थाना और घंटाघर दोनों स्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को समय पर सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरी सहित टेंट, बैरिकेडिंग व अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी मौजूद रहे।
