देहरादून , थाना राजपुर क्षेत्र में उत्तरांचल हॉस्पिटल, साईं मंदिर के पास एक तेज़ गति से चल रही मर्सिडीज कार (चंडीगढ़ नंबर प्लेट) ने सड़क पर चल रहे चार पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके अलावा, एक स्कूटी (नंबर UK 07-AE-5150) को भी टक्कर लगी, जिससे उस पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और CCTV फुटेज व ANPR कैमरों की मदद से मर्सिडीज कार की पहचान कर ली। 24 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी चालक वंश कत्याल को गिरफ्तार कर लिया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई
घटना की जानकारी मिलते ही गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने:
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए
अधिकारियों को जांच तेज़ करने के निर्देश दिए
तेज़ी से आरोपी वाहन और चालक का पता लगाने के आदेश दिए
दर्दनाक हादसे में चार पैदल यात्रियों की मौत हो गई, जिनकी पहचान निम्नलिखित है:
मंशाराम (35 वर्ष) – मजदूर
विजय कुमार (40 वर्ष) – राजमिस्त्री
अनिल कुमार (38 वर्ष) – ठेकेदार
रामेश्वर (42 वर्ष) – फेरी लगाने वाला
दुर्घटना में एक स्कूटी सवार भी चपेट में आ गए, जिससे दो लोग घायल हुए:
अजय सिंह (28 वर्ष)
रवि वर्मा (30 वर्ष)
घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है
मृतक मंशाराम के चाचा संजय कुमार ने राजपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 105, 125, 281, 324(4) भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
एक तेज़ रफ्तार मर्सिडीज कार को घटनास्थल से भागते हुए देखा गया।
कार चंडीगढ़ नंबर प्लेट (CH-01-CN-0665) की थी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
CCTV और ANPR कैमरों की मदद से जांच:
पुलिस ने CCTV फुटेज और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से घटना के समय वहां से गुजरने वाले 11 संदिग्ध वाहनों की पहचान की।
इनमें से एक सिल्वर ग्रे मर्सिडीज की पहचान हुई, जिसके एक साइड पर टक्कर के निशान पाए गए।
वाहन का स्वामित्व और ट्रांसफर का इतिहास
वाहन स्वामित्व की जांच में सामने आया कि:
फरवरी 2023 में वाहन हरबीर ऑटोमोबाइल्स, चंडीगढ़ ने खरीदा था।
जून 2023 में इसे दिल्ली के विन्नी ऑटो हब को बेचा गया।
फिर इसे दिल्ली कार मॉल नाम की एजेंसी को ट्रांसफर किया गया।
जुलाई 2024 में इसे लखनऊ निवासी जतिन प्रसाद वर्मा ने खरीदा।
जतिन प्रसाद वर्मा का देहरादून के जाखन में आवास और व्यवसायिक कार्यालय है
पुलिस ने मोहब्बेवाला स्थित बर्कले मोटर्स (मर्सिडीज सर्विस सेंटर) से जानकारी जुटाई, जहां से पता चला कि 29-11-2024 को यह कार सर्विसिंग के लिए आई थी।
इसके बाद पुलिस ने चेकिंग और सर्च ऑपरेशन चलाया।
यह मर्सिडीज सहस्त्रधारा के एक खाली प्लॉट के पास खड़ी मिली।
स्थानीय पूछताछ में मोहित मलिक नामक व्यक्ति ने बताया कि यह वाहन वंश कत्याल द्वारा वहाँ खड़ा किया गया था।
मुख्य अभियुक्त वंश कत्याल की गिरफ्तारी
जब पुलिस ने वाहन मालिक जतिन प्रसाद वर्मा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि 12-03-2025 को उनकी मर्सिडीज उनके साले वंश कत्याल ने ली थी।
पुलिस ने आईएसबीटी देहरादून के पास से वंश कत्याल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में वंश कत्याल ने दुर्घटना की बात स्वीकार कर ली।
अभियुक्त का बयान और घटना का पुनर्निर्माण
वंश कत्याल की पृष्ठभूमि:मूल रूप से मुरादाबाद निवासी। बीबीए की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली में नौकरी करता था, जो छूट गई।
इसके बाद देहरादून आकर नौकरी की तलाश कर रहा था। वर्तमान में वाडिया इंस्टीट्यूट के सामने मोहित विहार में एक पीजी में रह रहा था। 12-03-2025 को वंश कत्याल अपने भांजे के साथ अपने जीजा (जतिन प्रसाद वर्मा) की मर्सिडीज लेकर राजपुर की ओर घूमने गया।
वापसी के दौरान जाखन के पास अचानक दो स्कूटियां सामने आ गईं।
गाड़ी एक स्कूटी से टकरा गई और फिर अनियंत्रित होकर पैदल चल रहे 4 लोगों को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद घबराहट में गाड़ी को सहस्त्रधारा के एक खाली प्लॉट में खड़ा कर दिया।
फिर मोहित मलिक से स्कूटी ली, अपने भांजे को जाखन छोड़ा, और स्कूटी वापस कर दी।
. वर्तमान स्थिति एवं आगे की कार्रवाई
पुलिस ने वंश कत्याल को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई जारी है।
मर्सिडीज कार जब्त कर ली गई है।
घायलों का इलाज जारी है।
