Prabhat Chingari
उत्तराखंड

हिमालयी सीमाओं की सुरक्षा हेतु सैन्य-नागरिक-समाज समन्वय पर बल

 

देहरादून, । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक प्रणाली है, जिसकी सुरक्षा के लिए सैन्य बलों, नागरिक प्रशासन और समाज के बीच समन्वित दृष्टिकोण आवश्यक है। वे क्लेमेंट टाउन, देहरादून में आयोजित संगोष्ठी “फोर्टिफाइंग द हिमालयाजः ए प्रोएक्टिव मिलिट्री-सिविल-सोसाइटी फ्यूजन स्ट्रेटजी इन द मिडिल सेक्टर” को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि मध्य सेक्टर में बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर सतत सतर्कता, मजबूत अवसंरचना, आधुनिक तकनीक और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। सीमावर्ती गांवों को राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम घटक बताते हुए उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में अवसंरचनात्मक और सामुदायिक विकास पर सरकार का विशेष फोकस है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती नागरिक राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जीओसी-इन-सी सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता सहित अनेक रक्षा व नीति विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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