देहरादून,
उत्तराखंड सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राज्य में भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त रुख और “जीरो टॉलरेंस” की नीति का असर राज्य की सतर्कता (विजिलेंस) विभाग की कार्रवाई में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने विजिलेंस को बिना किसी दबाव के कार्रवाई की पूरी छूट दी है, जिसके परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में विभाग ने भ्रष्टाचार के 82 मामलों में सक्रिय कार्रवाई करते हुए 94 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 13 राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं।
विजिलेंस विभाग को बीते चार वर्षों में कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 18 मामलों में सामान्य जांच, 25 मामलों में खुली जांच तथा 82 मामलों में ट्रैप कार्रवाई की गई। खास बात यह है कि इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप विजिलेंस ने 71 प्रतिशत मामलों में ठोस साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के बल पर दोषियों को कोर्ट से सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है।
राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर सख्ती की नीति को और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से सतर्कता विभाग ने टोल-फ्री नंबर 1064 भी जारी किया है, ताकि आम जनता आसानी से भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सके।
मुख्यमंत्री धामी का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
