देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्यहित से जुड़े 19 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के बाद सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने मीडिया को कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। कैबिनेट के फैसलों में कृषि, उद्योग, शिक्षा, न्याय, पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े कई दूरगामी निर्णय शामिल हैं।
चीनी मिलों को राहत, किसानों को लाभ
कैबिनेट ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को बैंकों से ऋण लेने हेतु 270.28 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने का निर्णय लिया। डोईवाला, किच्छा, नादेही और बाजपुर चीनी मिलों को इसका लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य अगेती प्रजाति के लिए 405 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के लिए 395 रुपये प्रति क्विंटल (मिल गेट पर) निर्धारित किया गया। गन्ना विकास अंशदान की दर 5.50 रुपये प्रति क्विंटल तथा बाह्य क्रय केंद्रों से परिवहन पर 11 रुपये प्रति क्विंटल कटौती को भी मंजूरी दी गई।
निर्वाचन विभाग व संस्कृत अकादमी से जुड़े निर्णय
मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड निर्वाचन विभाग के निजी सचिव संवर्ग की सेवा नियमावली-2025 को स्वीकृति दी। वहीं, उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार का नाम परिवर्तित कर ‘उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्’ किए जाने का निर्णय लिया गया।
विज्ञान, शिक्षा और विश्वविद्यालयों को मजबूती
यू-कॉस्ट के अंतर्गत अल्मोड़ा और चम्पावत विज्ञान केंद्रों के लिए कुल 12 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना एवं संचालन के लिए छह पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
वित्तीय प्रतिवेदन और लेखा परीक्षाएं
कैबिनेट ने पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2024-25 के वार्षिक प्रतिवेदन तथा उत्तराखण्ड वन विकास निगम के 2021-22 और 2022-23 के लेखों को विधानसभा पटल पर रखने का अनुमोदन दिया।
बागवानी और किसानों को अतिरिक्त सहायता
बागवानी मिशन के अंतर्गत एंटीहेल नेट योजना में केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत सहायता के अतिरिक्त राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया, जिससे फल उत्पादकों को ओलावृष्टि से सुरक्षा मिलेगी।
उपनल कर्मियों को राहत
उपनल द्वारा प्रायोजित कर्मियों को चरणबद्ध रूप से समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया गया। प्रथम चरण में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को यह लाभ मिलेगा।
न्याय व्यवस्था को मजबूती
गंभीर आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष न्यायालयों के गठन हेतु 144 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
विधानसभा सत्र और अन्य निर्णय
कैबिनेट ने वर्ष 2026 के प्रथम (आय-व्ययक) विधानसभा सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। खनन विभाग की अधिसूचना में ‘नन्दौर’ के स्थान पर ‘नन्धौर एवं अन्य नदियां’ शब्द जोड़े जाने को भी स्वीकृति दी गई।
खेल महाकुंभ के तहत विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ क्रमशः 1 लाख, 2 लाख और 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया।
ब्रिडकुल को रोपवे, ऑटोमेटेड पार्किंग और टनल पार्किंग जैसे निर्माण कार्यों के लिए अधिकृत किया गया। वहीं ‘उत्तराखण्ड दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली-2025’ को भी मंजूरी दी गई।
यूसीसी संशोधन और पर्यटन नियमावली
समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड (संशोधन) अध्यादेश-2025 लाने पर सहमति दी गई। इसके साथ ही ‘उत्तराखण्ड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम स्टे एवं बेड-एंड-ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली-2026’ को प्रख्यापित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत अब होम स्टे का लाभ केवल राज्य के स्थायी निवासियों को मिलेगा।
केदारनाथ में पर्यावरण अनुकूल पहल
कैबिनेट ने श्री केदारनाथ धाम में खच्चरों के गोबर को चीड़ की पत्तियों के साथ मिलाकर बायोमास पेलेट बनाने के एक वर्षीय पायलट प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट के ये निर्णय राज्य के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
